अप्रैल में लौटी दिसम्बर जैसी ठंड, बर्फ की चादर में लिपटी चूड़धार चोटी…राजगढ़ में 36 घंटों में 110 MM बारिश रिकॉर्ड

अप्रैल में लौटी दिसम्बर जैसी ठंड, बर्फ की चादर में लिपटी चूड़धार चोटी…राजगढ़ में 36 घंटों में 110 MM बारिश रिकॉर्ड

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

सिरमौर जिला के उपमंडल राजगढ़ और इसके आसपास के क्षेत्रों में कुदरत का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। पिछले लगभग 36 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ऊंची चोटियों पर हुए ताजा हिमपात ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। अप्रैल के महीने में अचानक आई इस ठंड ने लोगों को दिसंबर जैसी कड़ाके की सर्दी का अहसास करा दिया है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि और बागवानी क्षेत्र पर भी गहरा संकट मंडराने लगा है। क्षेत्र में मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड का आलम यह है कि लोगों को अप्रैल में दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 36 घंटों के दौरान क्षेत्र में करीब 110 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं प्रसिद्ध चूड़धार की चोटी पर आधा फुट से अधिक ताजा हिमपात होने की सूचना है, जिससे पूरी घाटी शीत लहर की चपेट में है।

तैयार फसलों पर बरसी आफत, बुआई का काम रुका

इस असामान्य मौसम ने सबसे ज्यादा मार किसानों पर मारी है। वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं, जौ, मटर और आलू की फसलें पककर तैयार हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने इनके बर्बाद होने की आशंका बढ़ा दी है। इसके अलावा शिमला मिर्च, टमाटर और अदरक की बुआई का कार्य भी ठप्प हो गया है, जिससे फसल चक्र में देरी होना तय है।

फलों की सैटिंग पर प्रतिकूल प्रभाव

राजगढ़ क्षेत्र विशेष रूप से आड़ू और सेब के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय सेब, नाशपाती, आड़ू, प्लम, खुमानी और कीवी जैसे फलों में ‘फ्रूट सैटिंग’ का होता है। ऐसे नाजुक समय में तापमान में अत्यधिक गिरावट और भारी नमी फलों की सैटिंग की प्रक्रिया को बाधित कर सकती है। यदि मौसम का यही रुख बना रहा, तो इस साल फलों के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है, जिससे बागवानों को बड़े आर्थिक नुक्सान का सामना करना पड़ेगा।

किसानों-बागवानों ने की सरकार से मुआवजे की मांग

क्षेत्र के किसानों और बागवानों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि स्थिति का तुरंत आकलन कर उन्हें उचित राहत व मुआवजा प्रदान किया जाए। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

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